रामचरितमानस बालकांड भाग 9

जय श्री राम 🙏🙏

       भरद्वाज मुनि प्रयाग मे रहते थे जिनका प्रभू श्री राम चन्द्र जी के चरणों में गहरा प्रेम था। वे एक उच्च कोटि के तपस्वी थे। जब माघ महीने में  मकर संक्रांति लगती है तब सब लोग तीर्थ पति प्रयाग में स्नान करने आते हैं । स्नान के पश्चात सभी ॠषी मुनि भरद्वाज जी के आश्रम में हरि चर्चा किया करते थे । इसी प्रकार पूरा मकर महीने वहां रह कर सभी अपने अपने घर  वापिस आ जाते थे। प्रति वर्ष एसा ही उत्सव हुआ करता था।

       एक बार  एसे ही जब सभी ॠषी मुनि पूरे माघ महीने  स्नान करने के पश्चात अपने घर जाने लगे तब भरद्वाज मुनि ने ॠषी याज्ञवल्क्य जी को विनती करके वही रोक लिया और राम कथा सुनाने का आग्रह करने लगे तब याज्ञवल्क्य जी ने जो राम कथा शिवजी ने उमा को सुनाई थी उसी प्रकार से कहना आरम्भ किया
जय श्री राम 🙏🙏🙏🙏


Comments

Popular posts from this blog

सम्पूर्ण रामचरित मानस चौपाई दोहा अर्थ सहित बालकांड भाग ( 4 )

शिव के लिए पार्वती का तपस्या करना बालकांड भाग 12

सम्पूर्ण रामचरित मानस चौपाई दोहा अर्थ सहित बालकांड भाग ( 5 )