शिव जी द्वारा कामदेव का भस्म होना बालकांड भाग 14

जय भोले नाथ 🙏🙏
       सती ने पार्वती के रूप में जन्म लेकर शिवजी को पाने के लिए तपस्या की। कई वर्षो की तपस्या के पश्चात आकाश वाणी हुई कि हे गौरी आप की तपस्या सफल हुई शीघ्र ही आपको शिवजी प्राप्त होगे। अतः अब तुम अपने पिता के घर जाओ।


       लेकिन उधर भगवान भोलेनाथ अपनी समाधि में मग्न थे। देवता लोग सोचने लगे कि कैसे शंकर जी को समाधि से जगाया जाए। तब उन्होंने कामदेव को शिव जी की समाधि भंग करने के लिए भेजा। कामदेव ने बहुत प्रयत्न किए किन्तु वह शिवजी की समाधि भंग ना कर सका। अतः अन्त में उसने शिवजी पर पुष्प बाण चला दिया जिस से शिवजी की समाधि खुल गई । शिवजी को क्रोध आया और उन्होंने तीसरे नेत्र से जब कामदेव को देखा तो वह जल कर भस्म हो गया। देवताओं मे हाहाकार मच गया। सारी सृष्टि उदास हो गई। कामदेव की पत्नी रति ने शिवजी से अपने पति को जीवित करने की प्रार्थना की । तब शिवजी ने दया करके रति को आश्वस्त किया कि तुम्हारे पति बिना शरीर के जीवित रहें गे। द्वापर युग में श्री कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न  के रूप में जन्म लेंगे तब तुम अपने पति को देह रुप मे प्राप्त कर लोगी।
जय भोले नाथ 🙏🙏🙏🙏



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